Masnoon Duain in Hindi - मसनून दुआए

मस्नून दुआए पार्ट – 2

मस्नून दुआए (Part – 2) में चंद रोजाना के पढ़े जाने वाली दुआ –

 

1  आज़ान के बाद की दुआ

اَللّٰہُمَّ رَبَّ ھٰذِہِ الدَّعْوَةِ التَّآمَّةِ وَالصَّلٰوةِ الْقَآئِمَةِ اٰتِ مُحَمَّدَنِ الْوَسِیْلَةَ وَالْفَضِیْلَةَ وَابْعَثْہُ مَقَامًا مَّحْمُوْدَنِ الَّذِیْ وَعَدْتَّہ  ۔  

अल्लाहुम्मा रब्बा हाज़िही अद- दावातित ताम्मा वस सलातील क़ाईमा , आती मुहम्मदन अल-वसिलता व अल-फ़ज़ीला , व बाअसहु मकामन महमुदन अल लज़ी वाअदताह
एह मेरे अल्लाह जो इस सारी पुकार का रब है, और क़ायम रहने वाली नमाज़ का भी रब है , रसूल-अल्लाह सलअल्लाहू अलैही वसल्लम को क़यामत के दिन वसीला (सबसे आला मुकाम) अता फरमा , और मक़ाम ए महमूद पर उनको क़ायम फरमा , 
जिसका तूने उनसे वादा किया है)

 

 

2 पानी पीने  की दुआ 

بِسْمِ ٱللَّٰهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ 

बिस्मिल्लाह हिर्रहमान निर्रहीम

अल्लाह के नाम से शुरू जो बहुत मेहरबान रेहमत वाला है

3 पानी पीने के बाद की दुआ 

الْحَمْدُ للَّهِ رَبِّ الْعَالَمِينَ 

अल्हम्दुलिल्लाही रब्बिल आलमीन

सब खुबियाँ  अल्लाह के लिए जो सारे जहां का रब है

3 दूध पीते वक़्त की दुआ

اللَّهُمَّ بَارِكْ لَنَا فِيهِ وَزِدْنَا مِنْهُ
अल्लाहुम्मा बारीक़ लना फ़ीहि व ज़िदना मिन्हु
 ऐ अल्लाह !  हमारे लिए इस में बरकत दे, और हमें इससे ज्यादा इनायत फरमा
4 अबे ज़मज़म पीने से पहले की  दुआ

اللَّهُمَّ إِنِّي أَسْأَلُكَ عِلْمَاً نَافِعَاًً وَرِزْقَاً وَاسِعَاًَ وَشِفَاءً مِنْ كُلِّ دَاءٍ

अल्लाहुम-म इन्नी अस् अलु-क इल्मन नाफ़ि अंव व रिज़्क़वं वासिअंव व शिफ़ाअम मिन कुल्लि दाअ०

ए अल्लाह ! मैं तुझ से इल्मे नाफे का, और रिज्क की कुशादगी का, और बीमारी से शिफ़ा का सवाल करता हूँ

5 बीवी से सोहबत के वक़्त की दुआ 

بِسْمِ اللَّهِّ اللَّهُمَّ جَنِّبْنَا الشَّيْطَانَ وَجَنِّبِ الشَّيْطَانَ مَا رَزَقْتَنَا

बिस्मिल्लाही अल्लाहुम्मा जन निब नश शैताना व जननिब नस शैताना मा रज़कना

अल्लाह के नाम से शुरू करता हु,ए!अल्लाह हमें शैतान से महफूज़ फार्म और जो औलाद हमें दे शैतान को इससे दूर रख 

 

6 सहरी की दुआ 

وَبِصَوْمِ غَدٍ نَّوَيْتُ مِنْ شَهْرِ رَمَضَانَ.

व बे  सौमिन गदिन नवैतु मिन शहरे रमज़ान 

और मैंने माहे रमजान के रोज़े की नियत की

7 इफ्तार की दुआ 

اَللّٰهُمَّ اِنَّی لَکَ صُمْتُ وَبِکَ اٰمَنْتُ وَعَلَيْکَ تَوَکَّلْتُ وَعَلٰی رِزْقِکَ اَفْطَرْتُ.

अल्लाहुम्मा इन्नी लक सुमतु व बिका अमन्तु व अलैका त वक्कलतू व आला रिज़की का  अफतर तू

ए अल्लाह!मैंने तेरे खातिर रोज़ा रखा और तेरे उपर ईमान लाया और तुझ पर भरोसा किया और तेरे रिजक से इसे खोल रहा हु 

8 दुश्मन का खौफ हो तो पढ़ें

اَللّٰہُمَّ اِنَّا نَجْعَلُکَ فِیْ نُحُوْرِ ھِمْ وَنَعُوْذُبِکَ مِنْ شُرُوْرِ ھِمْ ۔

अल्लाहुम्मा इन्ना नज अलुका फि नुहुरीहीम व न उजू बिका मिन शुरूरि हिम

या अल्लाह! आप ही को दुश्मन के सामने लाते हैं और उन की शरारतों से आप की पनाह मानते हैं 

 

9 बारिश के लिए दुआ 

اللَّهُمَّ أَغِثْنَا

अल्लाहुम्मा अगिस ना

ए अल्लाह! हमें बारिश दे

10 जब बारिश हो रही हो

اللَّهُمَّ صَيِّبَاً نَافِعَاً

अल्लाहुम्मा सई इ बन नफे अ

ए अल्लाह! इसे नफा देने वाली बारिश बना दे

11 तकलीफ़ या मुसीबत के वक़्त की दुआ 

اِنَّالِلّٰہِ وَاِنَّااِلَیْہِ رَاجِعُوْنَ،اَللّٰھُمَّ أْجُرْنِیْ فِیْ مُصِیْبَتِیْ وَاَخْلِفْ لِیْ خَیْرًامِّنْھَا۔

इन्ना लिल लाहि व इन्ना इलैहे राजेउन – अल्लाहुम्मअ जुरनी फि मुसिबती व अखलीफ लि खैरम मिन्हा

हम तो अल्लाह ही के लिए हैं और उसकी तरफ लौट कर जाने वाले हैं,ए अल्लाह ! मुझे अपनी मुसीबत में अज्र दे और इसका नम बदल अता फरमा

 

दीन की सही मालूमात  कुरआन और हदीस के पढने व सीखने से हासिल होगी |(इंशाअल्लाह)

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दुआ की गुज़ारिश

 

 

 

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