Islamic Quiz in Hindi - इस्लामिक सवाल जवाब

بِسمِ اللہِ الرَّحمٰنِ الرَّحِيم

शुरू अल्लाह के नाम से जो सब पर मेहरबान है बहुत मेहरबान है

 

 

इस्लामिक क्विज पार्ट – 7

इस्लामिक क्विज पार्ट -7  में कुछ और अहम  सवाल – जवाब हैं  , जो के  (Competitions Exam ) के लिए बहुत मददगार है और साथ ही इस्लामिक मालूमात में इजाफा भी होगा इंशा अल्लाह  |

 

इस पार्ट में  ” इस्लामी जंग (लड़ाई)   ”  के बारे में सवाब जवाब है |

 

सवाल – इस्लाम के मशहूर जंगें कौन कौन सी हुईं ?

जवाब – (1) जंग ए बदर (2) जंग ए उहद (3) गजवा ए खंदक (4) सुलह हुदैबिया (5) फतह ए मक्का (6) गजवा ए हुनैन (7) गजवा ए तबूक (8) जंग ए खैबर

सवाल – इस्लाम की सबसे पहली जंग कौन सी है ?

जवाब – जंग ए बदर

सवाल – जंग ए बदर में मुसलमानों की कुल तादात कितनी थीं ?

जवाब – 313

सवाल – जंग ए बदर में कुफ्फार कितने थे ?

जवाब – 1000

सवाल – जंग ए बदर की लडाई कब हुई ?

जवाब – 17 रमज़ानुल मुबारक सन 2 हिजरी

सवाल – अल्लाह तआला ने जंग ए बदर में किस तरह मुसलमानों की मदद फरमाई ?

जवाब – नबी करीम (स०अ०) की दुआ पर अल्लाह तआला ने फरिश्तों का एक लश्कर भेज कर

मुसलमानों की मदद फरमाई

सवाल – जंग ए बदर किस तारिख को फतह की गई ?

जवाब – 22 रमजान को फतह हुई |

सवाल – जंग ए उहद कब हुई ?

जवाब – शव्वाल में महीने में सन 3 हिजरी

सवाल – जंग ए उहद में मुसलमानों की तादात कितनी थी ?

जवाब – तक़रीबन 1 हज़ार लेकिन बाद में ये तादात 700 हो गई

सवाल – जंग ए उहद में कुफ्फार की फौज़ कितनी थी ?

जवाब – क़रीब 3 हज़ार

सवाल – किस जंग में नबी करीम (स०अ०) की दन्दाने मुबारक शहीद हुई ?

जवाब – जंग ए उहद में

सवाल – किस जंग में हज़रत हमज़ा (रज़ी०) का नाक,कान काटा और कलेजा चबाया गया था ?

जवाब – जंग ए उहद में

सवाल – जंग ए उहद में मुसलमानों को शिकश्त जैसी सूरत कैसे पैदा हुई ?

जवाब – नबी करीम (स०अ०) ने कुछ शहाबी (रज़ी०) पहाड़ी पर तैनात फ़रमाया के जब तक      हुक्म न हो वहां से ना हटना लेकिन सहाबा (रज़ी०) ने सोचा के कुफ्फार भाग गए और मुसलामों        की फतह हो गई, वहां से हट गए | ये देख कुफ्फारों ने उनपर हमला कर दिया |

सवाल – गजवा ए खंदक क्या है और कब पेश आई ?

जवाब – सन 5 हिजरी ज़िल क़द के महीने में और ये तय हुआ के मदीने के अतराफ गड्ढे खोदा जाये ताके कुफ्फार उसको पार न कर सके |

सवाल – खंदक खोदने का मशवरा किन सहाबी (रज़ी०) ने दिया

जवाब – हज़रत सलमान फारसी (रज़ी०)

सवाल – गजवा ए खंदक में मुसलमानों और कुफ्फारों की तादात कितनी थी ?

जवाब – खदक की लड़ाई में मुसलमान क़रीब 3 हज़ार थे और कुफ्फार तकरीबन 10 हज़ार ?

सवाल – जंग ए अहज़ाब किस जंग को कहते हैं ?

जवाब – गजवा ए खंदक को कहते हैं

सवाल – नबी करीम (स०अ०) ने कैसरो किसरा की फतह की बशारत कब दी थी ?

जवाब – गजवा ए खंदक के मौक़े पर

सवाल – सुलह हुदैबिया कब पेश आया ?

जवाब – ज़िल कादा के महीने में (सन 6 हिजरी)

सवाल – सुलह हुदैबिया से मुसलमानों और कुफ्फार के बीच क्या मुहाएदा हुआ ?

जवाब – सुलह हुदैबोया के शर्त में जो कोई शख्स क़ुरैश काबिले से मुसलमानों के पास आता है तो उसे वापस भेज दिया जायेगा और अगर मुसलमानों से कोई क़ुरैश के चला जाये तो उसे नहीं लौटाया जायेगा |

सवाल – सुलह हुदैबिया किस मौके पर पेश आया ?

जवाब – हज के मौके पर ( नबी पाक (स०अ०) का इरादा जंग रोकने का था और क़ुरैश की इस्लाह मकसद था )

सवाल – सुलह हुदैबिया कितने साल तक का मुहाएदा था ?

जवाब – 10 साल

सवाल –  फ़तह मक्का कब पेश आया ?

जवाब – शाबान महीने में सन 8 हिजरी

सवाल – फ़तह मक्का में मुसलमानों की कुल कितनी तादात थी ?

जवाब – 10 हज़ार की फौज़ थी

सवाल – हज़रत सुफियान (रज़ी०) कब ईमान में दाखिल हुए ?

जवाब – फतह मक्का के बाद ईमान में शामिल हुए

सवाल – जंग ए हुनैन कब वाक़ेह हुआ ?

जवाब – शव्वाल महीने में सन 8 हिजरी

सवाल –  जंग ए हुनैन में कितनी मुसलमान शरीक हुए ?

जवाब – करीब 12 हज़ार मुसलमान

सवाल – जंग ए हुनैन कहां वाक़ेह हुई ?

जवाब – वादिए हुनैन के मक़ाम पर

सवाल – गाजवा ए तबूक कब पेश आया ?

जवाब – रज्ज़ब के महीने में सन 9 हिजरी

सवाल – तंग-दस्ती का लश्कर किस गजवा को कहा जाता है ?

जवाब – गजवा ए तबूक को

सवाल – गजवा ए तबूक में मुसलमानों की कुल तादाद कितनी थी ?

जवाब – करीब 30 हज़ार

सवाल – किन सहाबी ने अपना सब कुछ गुज्वा ए तबूक के मौक़े पर वक्फ़ कर दिया था ?

जवाब –  हज़रत अबू बकर सिद्दीक़ (रज़ी०)

सवाल – जंग ए खैबर में कुल कितने मुसलमान शरीक हुए और यहूदी कितने थे  ?

जवाब – मुसलमान क़रीब 1600 अफ़राद और यहूदी क़रीब 30 हज़ार फौज़

सवाल – खैबर का किला किनके हाथों  फतह हुआ ?

जवाब – हज़रत अली मुर्तज़ा (रज़ी०) ने बड़े बहादुरी से कुफ्फार को हलाक़ और किला फतह किया

 

दीन की सही मालूमात  कुरआन और हदीस के पढने व सीखने से हासिल होगी |(इंशाअल्लाह)

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दुआ की गुज़ारिश

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