Wazu ka Tariqa in Hindi - वजू की दुआ

بِسْمِ اللهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِيْمِ

” शरू अल्लाह के नाम से जो सब पर मेहरबान है बहुत मेहरबान है “

 

वजू  क्या है – 

जैसा के हम जानते हैं के नमाज़ हर मुसलमान मर्द और औरत  पर फ़र्ज़ है |

नमाज़ पढने से पहले  जो हम अपने आज़ा को धोते हैं उसे वजू  कहतें हैं ,बिना वजू किया नमाज़ नही होती और वजू में एक बाल के बराबर जगह सुखी रह जाये तब भी वजू नही होगी और वजू नही तो नमाज़ नही|

कुराने करीम में वजू का ज़िक्र –

अल्लाह रब्बुल इज्ज्ज़त फरमाते हैं – ” ए ईमान वालों ! जब तुम नमाज़ के लिए खड़े हो तो अपने चेहरे को और हाथों को कोहनियों तक धो लो और अपने सर का मसा करो और टखनो तक अपने पैर धो ” (सुरह मायेदा)

वजू के मुताल्लिक हदीस –

” एक शख्स ने रसूल अल्लाह (स०अ०) से पूछा के आप अपनी उम्मत को मैदाने हश्र में दूसरी उम्मतों के बेशुमार लोगो के दरमियान किस तरह पहचानेगे ?आप (स०अ०) ने फ़रमाया -मेरे उम्मती वजू के असर से सफेद (नूरानी ) चेहरे और सफेद (नूरानी ) हाथ पांव वाले होंगेis तरह इनके सिवा और कोई नही होगा ” (मुस्लिम)

” सय्यादना अबू हुरैरह (रज़ी०) से रिवायत है के नबी करीम (स०अ०) ने फ़रमाया – जन्नत में मोमिन का  जेवर वहां तक पहुंचेगा जहान तक वजू का पानी पहुचेगा “(मुस्लिम)

 

वजू से पहले की दुआ –

بِسْمِ اللّٰہِ وَلْحَمْدُ لِلّٰہِ

शुरू अल्लाह के नाम से जो बड़ा मेहरबान नेहायत रहम वाला है 

 

 

वजू के बाद की दुआ –
أَشْهَدُ أَنْ لاَ إِلَهَ إِلاَّ اللَّهُ وَأَشْهَدُ أَنَّ مُحَمَّدًا عَبْدُهُ وَرَسُولُهُ

मैं गवाही देता हूँ की अल्लाह के सिवा कोई माबूद नही और मुहम्मद (सल-अल्लाहू अलैही वसल्लम ) अल्लाह के बंदे और रसूल हैं

वजू के फ़राइज़ – 

वजू के 4 फ़र्ज़ हैं –

(1) पेशानी के बालों से ठोड़ी के नीचे तक और एक कान के लौ से दुसरे कान के लौ तक|

(2) दोनों हाथ कोहनियों समेत धोना|

(3) चौथाई  सर का मसह करना |

(4) दोनों पांव टखनों समेत धोना |

 

वजू की सुन्नातें –

वजू की चंद सुन्नातें हैं –

(1) नीयत करना 

(2) शुरू में बिस्मिल्लाह पढना 

(3) पहले दोनों कलाई तक धोना 

(4) कुल्ली करना 

(5) मिस्वाक करना 

(6) नाक में पानी डालना(यानी नर्म हड्डी तक पानी पहुचना)

(7) हर आज़ा को तीन मर्तबा धोना 

(8) सारे सर और कानों का मसह करना 

(9) दाढ़ी और  उँगलियों का खिलाल करना

(10) लगातार इस तरह धोना की पहले मुह धोए,फिर कोहनियों समेत हाथ धोए,फिर सर का मसह,औए फिर पांव धोए

 

जिनसे वजू टूट जाती है –

(1) पखाना या पेशाब या हवा का खारिज़ होना 

(2) खून या पीप निकल कर बह जाना 

(3) मुह भर कर उलटी हो जाना

(4) टेक लगाकर सो जाना

(5) पागल होना या बेहोश हो जाना 

(6) नमाज़ के हालत में खिलखिला कर हसना 

 

वजू की मकरूह चीजें –

(1) ना पाक जगह वजू करना 

(2) सीधे हाथ से नाक साफ़ करना 

(3) वजू करते वक़्त दुनिया की बातें करना 

(4) सुन्नत के खिलाफ वजू करना 

(5) पानी ज्यादा बहाना

(6) ज़ोर से चापक्के मरना 

 

दीन की सही मालूमात  कुरआन और हदीस के पढने व सीखने से हासिल होगी |(इंशाअल्लाह)

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दुआ की गुज़ारिश 

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