SUNNATEIN

Khana Khane ki sunnat tarika – खाने के आदाब

 

بِسمِ اللّٰہِ الرَّحمٰنِ رحیم

“ शुरू अल्लाह के नाम से जो बड़ा मेहरबान निहायत रहम वाला है ”

 

खाने का सही तरीका –

हम सब जानते हैं कि खाना हमारे ज़िन्दगी में कितना ज़रूरी है । अल्लाह रब्बुल इज्ज़त की एक अहम नेमतों मे से एक है।

दुनिया में जितनी जद्दो जहद होती है  इसी खाने के लिए होती है ।

जैसे हर चीज को करने का एक तरीक़ा होता है उसी तरह खाने का भी एक तरीक़ा है अगर हम उस तरीक़ा पर अमल ना करें तो डॉक्टरों के चक्कर लगाना पड़ता है।यानी पेट खराब, बदहज़मी, कब्ज वगैरह की शिकायत रहती है।

पूरी दुनिया में सिर्फ एक ही तरीक़ा सबसे बेहतीन और काबिले फख्र है और वो तरीक़ा है हमारे प्यारे नबी जनाबे मेहतरम फख्र दो आलम मुहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का है।

अगर हम अपने नबी के बताए हुए सुन्नतों पे अमल करेंगे तो इंशाअल्लाह दुनिया में भी कामयाबी मिलेगी और अखिरत में भी सुर्खरू होंगे।

 

तो चलिए खाना  खाने के मुतल्लिक़ नबी करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की सुन्नतो को देखते हैं।

(1) खाना खाने से पहले दस्तरखान बिछाना –

खाना दस्तरखान पर ही खाना चाहिए क्योंकि एक तो हमारे नबी करीब सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की सुन्नत है और दूसरी अगर  लुकमा गिरे तो  दस्तरखान से उठा कर खा सके।

 

(2) खाने से पहले अपने दोनो हाथों को कलाई समेत धोना

बिना हाथ धोए खाना खाने से नुकसान है क्युकि हाथों पे ( Bacteria)  जरासीम  होते हैं,जो नज़र नही आते ।

डॉक्टरों का कहना है के, ज्यादा तो पेट दर्द की वजह खाने से पहले हाथ का ना धोना है।
माशाल्लाह,  ये सब हमारे नबी का तरीक़ा है अब बताइए अगर हम नबी की सुन्नतों पे चलते हैं तो कितनी बीमारियों से बच सकते हैं।

 

(3) नीचे फर्श पर बैठ कर खाना –

अफसोस फर्श पर बैठ कर खाने की सुन्नत खत्म होती जा रही है। शादियों और पार्टियों में एक नया फितना बरपा है जिससे बफ (buff system) कहा जाता है।आप सबसे से गुज़ारिश है बैठ कर खाने की सुन्नत को ज़िंदा करें।

 

(4) खाने से पहले बिस्मिल्लाह कहना –

नबी करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का मामुर था के खाने से पहले  बिस्मिल्लाह कहते। अल्लाह का नाम लेकर शुरू करें इंशाअल्लाह बहुत बरकत होगी।

 

खाने से पहले की दुआ

बिस्मिल्लाह

तर्जुमा – शुरू अल्लाह के नाम से

 

Dua in English

 

BISMILLAH – To start in the name of Allah

 

एक मसला – अगर शुरू में बिस्मिल्लाह कहना भूल जाएं, तो जब याद आए तो ये दुआ पढ़  लें।

 

बिस्मिल्लाही अल अव्वलहू वल आखिर

तर्जुमाशुरू अल्लाह के नाम से जो अव्वल भी है और आखिर भी।

 

(5) खाते वक्त बैठने का तरीक़ा –

खाते वक्त जो  बैठेने का सुन्नती तरीक़ा है वो यह है कि बाया पैर(left leg) बिछा दें,और दाहिना पैर (Right leg) खड़ा रखें।खाते वक्त ज्यादा बातें ना करें, कुछ अहम मसले पर बात कर सकते है।पर ज्यादा दुनियादारी कि बातें नहीं करनी चाहिए।

 

(6) हाथ से लुकमा गिर जाए तो उठाकर साफ़ करके खाएं –

हमारे नबी करीम  सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम  की प्यारी सुन्नत है के अगर खाना दस्तरखान पे गिर जाता तो आप उठा कर खा लेते। आजकल हम शर्म की वजह से नीचे गिरा हुआ खाना नहीं खाते ।अजिजों हमारे लिया नबी करीम  सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम  का तरीक़ा अहम है ना कि दूसरों के सामने शर्म के वजह से एक सुन्नत को तर्क करना।

  “ज्यादा  झुक कर ना  खाएं और हमेशा खाना दाहिने हाथ (Right Hand)से ही खाएं।चम्मच (spoon)और छुरी(knife) से खाने से परहेज़ करें।ये गरों का तरीक़ा है।”

 

(7) खाने में अयेब नहीं निकालना –

हमारे नबी करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कभी खाने में आयेब नहीं निकालते थे, अगर पसंद होता तो खा लेते नहीं तो खामोश रहते।

 

(8) खाने में फूक ना मारें

अक्सर खाना ठंडा करने के लिए हम खाने पर फूक मरते हैं जो सही नहीं है।इससे खाने में जरासीम शामिल हो जाते हैं।

“हमेशा अपने सामने रखी चीज को ही खाएं नहीं तो  दूसरे  खाने वाले लोगों को तकलीफ़ हो सकती है।”

 

(9) खाने के बाद बर्तन को अच्छी तरह साफ कर लें –

खाने के बरतन को साफ करना ज़रूरी है क्योंकि क्या पता अल्लाह ने किस दाने में बरकत रखी है।और एसा करने से बर्तन मगफिरत की दुआ करती है।

 

(10) खाना खाने के बाद ये दुआ पढ़े।

 

अल्हम्दुलिल लाहिल लज़ी अत अमना व सकाना व जा अलना मुस्लिमीन”

तर्जुमा : तमाम तारीफें अल्लाह के लिए हैं जिस ने हमें खिलाया पिलाया और मुसलमान बनाया।

 

IN  ENGLISH:

ALHAMDULIL LAHIL LAZI ATAMNA WA SAKAANA WA JA ALNA MUSLIMEEN

 

In  Arabic

 

 

खाने के मुतल्लिक़ चंद हदीसें
  • जिस खाने पर बिस्मिल्लाह ना पढ़ी जाए उस खाने में शैतान शामिल हो जाता है।(सही मुस्लिम)
  • एक साथ जमा हो कर खाना खाया करो और बिस्मिल्लाह पढ़ो।तुम्हारे उस खाने में बरकत होगी।(अबू दाऊद)
  • जो खाने के बाद बर्तन चाट ले वो बर्तन उस के लिए अस्तागफार करती है।(तिर्मिज़ी)
  • खाने को ठंडा कर लिया करो क्यों की गर्म खाने में बरकत नहीं होती।(अबू दाऊद)
  • नबी करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने इरशाद फ़रमाया मै कभी टेक लगा कर नहीं खाता (तिर्मिज़ी)

 

Khana khane ki sunnatein in URDU –

کھانا کھانے کی سنتیں

کھانے سے پہلے دسترکان بچھانا

کھانے سے پہلے دونوں ہاتھوں کو کلائی سمیت دھونا

نیچے فرش پر بیٹھ کر کھانا

کھانا شروع کرنے سے پہلے بِسمِ اللّٰہِ پڑنا

کھانے کے وقت بایا پیر بچھا دینا اور داہنا پیر کھڑا رکھنا

اگر ہاتھ سے کوئی لوکما نیچے گر جائے تو اٹھا کر کھا لینا

داہنے ہاتھ سے کھانا اور زیادہ جُھک کر نہ کھانا

کھانے کے بعد برتن تو اچھی طرح صاف کر لینا چاہیے

کھانے کے بعد جو مسنون دعا ہے وہ پڑھنا

 

दीन की सही मालूमात  कुरआन और हदीस के पढने व सीखने से हासिल होगी |(इंशाअल्लाह)

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दुआ की गुज़ारिश

 

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